गीत/नवगीत

अपना हिन्दुस्तान है

सत्य-सनातन धर्म स्थली,अपना ये हिन्दुस्तान है
विश्व गुरु और धर्म गुरु का ये, मेरा देश महान है।
वेद,गीता,उपनिषद का,होता जहाँ अमृत ज्ञान है
दिव्य मंत्र से भरा हुआ है अपना ये यह पुराण है।
सत्य-सनातन धर्म स्थली,अपना ये हिन्दुस्तान है,,,,

यह वही  भारत है जहाँ का, धर्म ग्रंथ रामायण है
जो अन्तर्मन में बसते हैं, वही सबके  नारायण हैं।
जिनकी कथाएं यहाँ होती है वही इष्ट भगवान हैं
ऐसे प्रभु श्री राम का,ये ऋषि-मुनी करते ध्यान है।
सत्य-सनातन धर्म स्थली, अपना ये हिन्दुस्तान है,,,,

संत कवि तुलसी भी करते हैं, राम के गुणगाण है
ज्ञान-भक्ति,नैतिकता की करते ये बहुत बखान हैं।
जन-जन  के आदर्श प्रभु यह राम बने प्रतिमान हैं
ऊंच-नीच को मिटाया शबरी का किया सम्मान है।
सत्य-सनातन धर्म स्थली, अपना ये हिन्दुस्तान है,,,,

प्रेम भक्ति सदभावना,का राम जी किए सम्मान हैं
मित्रता के प्रतिमूर्ति और,मर्यादा के ये यह खान हैं।
सुग्रीव-विभीषण को गले लगाकर, बढ़ाया मान है
ऐसा जिससे कार्य कराया, राम के दूत  हनुमान हैं।
सत्य-सनातन  धर्म स्थली, अपना ये हिन्दुस्तान है,,,,

जब भी बढ़ा इस धरती पे, असुरों का अभिमान है
तब-तब हाथों मे धरते हैं राघव जी धनुष कमान है।
भक्तों का उद्धार ये करते धन्य होते सारा जहान है
ऐसे प्रभु श्री राम जी, सूर्यवंशी रघुकुल ये महान हैं।
सत्य-सनातन  धर्म स्थली, अपना ये  हिन्दुस्तान है,,,,

— अशोक पटेल “आशु”

*अशोक पटेल 'आशु'

व्याख्याता-हिंदी मेघा धमतरी (छ ग) M-9827874578