बाल कविता

चटनी चाटी चाचा ने

भोलापन चंदू का देखो,
चटनी चाटी चाचा ने,
जाने क्या दद्दू से बोला,
मार खाई मामा ने!
मामा तो चंदमामा थे,
झट तारों की सभा बुलाई,
मुझको कितनी मार पड़ी है,
आती है अब तक भी रुलाई!
चंदू तो भोला-भाला है,
उसको कोई समझ नहीं,
दे दो उसको टॉफी-बिस्कुट,
वरना करेगा शरारत नई!
चंदू भोला-भाला हो-न-हो,
तुम सब बहुत शरारती हो,
झटक लोगे टॉफी-बिस्कुट उससे,
मिले हुए सब बराती हो!

— लीला तिवानी

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244