कविता

शक्ति के नव स्वरूप

सौंदर्य की अधिष्ठात्री माँ तू शैलपुत्री,
पहाड़ों की बेटी, प्रेम की धारा है तू,
बैल पे सवारी करती, त्रिशूल किनारा।
शिव की अर्धांगिनी है तू, पावन रूप,
शक्ति की पहली झलक अनूप अनूठा।

तप की देवी माँ हैं तू ब्रह्मचारिणी,
जप-तप की मूरत, शांत सितारा है तू,
कमंडल, रुद्राक्ष सजे लगे आपको न्यारा।
ज्ञान की देवी, धैर्य की खान है तू माँ,
सच्चे भाव से मिलती सबको पहचान है माँ।

शांति की प्रतीक माँ तू है चंद्रघंटा,
माथे पर चंद्र तेरे, घंटे की गूंज है,
शत्रु के मन में तेरे डर की बूंद है।
सिंह पे सवारी करती, रण में वीर,
भक्तों की रक्षा करती रहती है गंभीर।

विश्व की रचयिता माँ तू है कूष्मांडा,
संसार की जननी तू है, ब्रह्मांड रचाए,
हलकी मुस्कान से सब कुछ बनाए।
धूप से तेज माँ तू, कमल पे विराजे,
भक्ति से इनके माँ सब सुख साजे।

ममता की देवी माँ तू है स्कंदमाता,
कार्तिकेय की प्यारी मईया तू विधाता,
सिंह पे सजे माँ तू, कृपा की नैया।
ममता की मूर्ति है तू माँ, स्नेह की खान,
इनके चरणों में है माँ विश्व का कल्याण।

शक्ति का प्रतीक माँ तू है कात्यायनी,
शक्ति की ज्वाला तू है माँ, रूप विशाल,
असुरों का करती है माँ तू ही सम्भाल।
कात्यायन ऋषि की तप की फल है तू माँ,
देती है कन्याओं को माँ तू शुभ संबल।

अंधकार की नाशकर्ता माँ तू है कालरात्रि,
काली-कटारी है माँ तू, भयंकर रूप धारी,
रक्षा करें आप संसार के, मिटे संताप।
काला वर्ण माँ तेरे, पर मन है उजला,
सच्चे हृदय से जो कोई बिसरला?

श्वेत ज्योति की देवी माँ तू महागौरी,
चांदनी सी उजली, निर्मल अनुभूति,
सफेद वस्त्र धारण, सजीव सम्मान।
तीनों लोक करें जिनकी जो वंदन,
इनके चरणों से मिले सारा जीवन।

सिद्धि की देवी माँ तू सिद्धिदात्री,
सिद्धि, विभूति, ज्ञान की देवी तू माँ,
आदि शक्ति, सब पर तू माँ मेहरबानी।
कमल आसन, शांति की छाया तू माँ,
हर भक्त की पूरी कर दे तू माँ मिथ्या।

नवदुर्गा हैं ममता की मूरत तू माँ,
भक्ति से इनके कटे हर दुरुत तू माँ।
नवरात्रि में जो करे ध्यान आपका माँ,
माँ भर दें जीवन में गुण-ज्ञान उसका।

— रूपेश कुमार

रूपेश कुमार

भौतिक विज्ञान छात्र एव युवा साहित्यकार जन्म - 10/05/1991 शिक्षा - स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर),बी.एड(फिजिकल साइंस) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी ! प्रकाशित पुस्तक ~ *"मेरी कलम रो रही है", "कैसें बताऊँ तुझे", "मेरा भी आसमान नीला होगा", "मैं सड़क का खिलाड़ी हूँ" *(एकल संग्रह) एव अनेकों साझा संग्रह, एक अंग्रेजी मे ! विभिन्न राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओ मे सैकड़ो से अधिक कविता,कहानी,गजल प्रकाशित ! राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थानों से सैकड़ो से अधिक सम्मान प्राप्त ! सदस्य ~ भारतीय ज्ञानपीठ (आजीवन सदस्य) पता ~ ग्राम ~ चैनपुर  पोस्ट -चैनपुर, जिला - सीवान  पिन - 841203 (बिहार) What apps ~ 9934963293 E-mail - - rupeshkumar01991@gmail.com