सामाजिक

इज़्ज़त मेहनत से मापी जाती है, आमदनी से नहीं

आज के समय में, जब समाज अकसर किसी की हैसियत को उसके बैंक बैलेंस या नौकरी की प्रोफाइल से आँकने लगा है, तब यह याद दिलाना बेहद ज़रूरी हो गया है कि इंसान की इज़्ज़त उसकी आमदनी से नहीं, उसकी मेहनत, उसकी नीयत और उसके संघर्ष से मापी जाती है।

हममें से कोई भी इस दुनिया में विलासिता का जीवन जीने के लिए पैदा नहीं हुआ। हम सब किसी न किसी तरीके से अपने और अपने अपनों के लिए एक बेहतर ज़िंदगी की तलाश में लगे हैं। कोई रिक्शा चला रहा है, कोई चाय की दुकान चला रहा है, कोई ऑफिस में 9 से 5 की नौकरी कर रहा है, कोई खेतों में पसीना बहा रहा है—लेकिन मकसद एक ही है: जीवन की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना, अपने परिवार को दो वक़्त की रोटी देना, बच्चों को पढ़ाना, और एक इज़्ज़त की ज़िंदगी जीना।

तो फिर किस हक़ से हम किसी को कमतर आँकते हैं?

क्या सिर्फ इसलिए कि कोई हमसे कम कमाता है? क्या इसलिए कि उनका काम हमारे जैसे ‘ग्लैमर’ से जुड़ा नहीं है?

हम भूल जाते हैं कि हर ईमानदार मेहनत अपने आप में एक इबादत है।

कोई सड़क पर पसीना बहा रहा है तो किसी ने रात की नींद छोड़ दी है ड्यूटी निभाने के लिए। कोई हाथों से मिट्टी गढ़ रहा है, तो कोई थाली में खाना परोस रहा है। हर किसी की अपनी भूमिका है इस समाज की रचना में।

सच्ची बात तो यह है कि आमदनी केवल एक आंकड़ा है। वह तो परिस्थितियों, अवसरों और कभी-कभी किस्मत पर भी निर्भर करती है। लेकिन जो चीज़ केवल आपके वश में है, वह है मेहनत और नीयत।

और सम्मान उन्हीं के लिए होना चाहिए—जो संघर्ष कर रहे हैं, जो हार नहीं मानते, जो रोज़ उठते हैं और अपने हालातों से लड़ते हैं।

इज़्ज़त उन्हें दो—जो सुबह सबसे पहले उठते हैं ताकि दूसरों के लिए काम कर सकें।

इज़्ज़त उन्हें दो—जो बारिश, धूप, सर्दी में भी डटे रहते हैं, बिना शिकायत के।

इज़्ज़त उन्हें दो—जो भले कम कमाते हों, लेकिन हर कौर ईमानदारी से अर्जित करते हैं। क्योंकि अंत में, हम सब एक ही लड़ाई लड़ रहे हैं ज़िंदगी की, सम्मान की, और अपनेपन की। हर किसी की कहानी अलग है, लेकिन दर्द, जिम्मेदारियाँ और उम्मीदें ये सब हममें समान हैं। इसलिए अगली बार जब आप किसी को कम आमदनी वाली नौकरी करते देखें, तो उन्हें हीन भावना से न देखें। हो सकता है उनका संघर्ष, आपका सबसे बड़ा आराम खरीदने से भी ज्यादा कीमती हो।

हर मेहनतकश इंसान को सलाम। क्योंकि दुनिया उन्हीं की बदौलत चल रही है।\

— हेमंत सिंह कुशवाह

हेमंत सिंह कुशवाह

राज्य प्रभारी मध्यप्रदेश विकलांग बल मोबा. 9074481685