पीछे मुड़ कर मत देखना
जब भी गहरा
अंधकार हो
आंखों के सामने
सब धुंधला हो
उस पल ईश्वर के
नाम….
अपने कर्मो की सदा
लिए
मन का विश्वास का
एक छोटा सा दीया
जला देना…..
दीये की रोशनी में
आस की शक्ति लिए
अंधेरे को चीरते हुए
अपने कदम को बस
आगे बढ़ा देना
डरना मत…
खुद को खोने से
ईश्वर है पीछे
बस ये विश्वास पे अडिग
बस चलते रहना…..
ज़िंदगी के मुश्किलों से
लड़ते और बढ़ते रहना….
विश्वास से थामना
ईश्वर का हाथ…
अपनी मंज़िलो को
अपनी ज़िंदगी के लिए
बस पाते रहना और
चलते रहना…
कि पीछे मुड़ कर मत देखना
साथ छूटा कौन, क्योंकि
जींवन का सच
सबसे निभाते रहना..!!
— नंदिता
