बाल कविता

14 नवंबर – प्यारा दिन

आज है चौदह नवंबर का दिन,
सब बच्चों का प्यारा दिन।
नेहरू चाचा हमसे कहते,
“बच्चे देश के फूल हैं बन।”

हँसो, खेलो, खूब पढ़ो तुम,
सपनों को सच्चा करना तुम।
मेहनत से आगे बढ़ते जाना,
देश का नाम उज्जवल बनाना।

नेहरू चाचा हमसे बोले,
“बचपन सबसे मीठा होता।”
प्यार, हँसी और मस्ती में,
हर दिन सुंदर बीतता होता।

आज का दिन है खुशी का दिन,
सब मिल गाएँ प्यारा गीत।
बाल दिवस हम हँसकर मनाएँ,
हर बच्चे को मिले नई जीत।

— रूपेश कुमार

रूपेश कुमार

भौतिक विज्ञान छात्र एव युवा साहित्यकार जन्म - 10/05/1991 शिक्षा - स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर),बी.एड(फिजिकल साइंस) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी ! प्रकाशित पुस्तक ~ *"मेरी कलम रो रही है", "कैसें बताऊँ तुझे", "मेरा भी आसमान नीला होगा", "मैं सड़क का खिलाड़ी हूँ" *(एकल संग्रह) एव अनेकों साझा संग्रह, एक अंग्रेजी मे ! विभिन्न राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओ मे सैकड़ो से अधिक कविता,कहानी,गजल प्रकाशित ! राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थानों से सैकड़ो से अधिक सम्मान प्राप्त ! सदस्य ~ भारतीय ज्ञानपीठ (आजीवन सदस्य) पता ~ ग्राम ~ चैनपुर  पोस्ट -चैनपुर, जिला - सीवान  पिन - 841203 (बिहार) What apps ~ 9934963293 E-mail - - rupeshkumar01991@gmail.com