मुक्तक/दोहा

बोलो मीठे बोल

मन जिसका साफ रहे, रहते उच्च विचार,
उस इंसान के होते हैं सपने सब साकार।

राग-द्वेष से रहे जो दूर, सबकी उससे प्रीत,
मंद-मंद मुस्कान से,लेता है सबका दिल जीत।

जिसके मन में रहे दया भाव, वहीं सच्चा है इंसान,
सारा जग उसे पूजता,जैसे वहीं हो भगवान।

संतों की वाणी से ,जन-जन का होता है कल्याण,
लोभ-मोह को त्याग दे,रहे न मन में कभी चाह।

इस जीवन सरल बनाइए,बोलो मीठे बोल,
जीवन यह अनमोल है,मत दौलत से तौल।

— कालिका प्रसाद सेमवाल

कालिका प्रसाद सेमवाल

प्रवक्ता जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, रतूडा़, रुद्रप्रयाग ( उत्तराखण्ड) पिन 246171