बोलो मीठे बोल
मन जिसका साफ रहे, रहते उच्च विचार,
उस इंसान के होते हैं सपने सब साकार।
राग-द्वेष से रहे जो दूर, सबकी उससे प्रीत,
मंद-मंद मुस्कान से,लेता है सबका दिल जीत।
जिसके मन में रहे दया भाव, वहीं सच्चा है इंसान,
सारा जग उसे पूजता,जैसे वहीं हो भगवान।
संतों की वाणी से ,जन-जन का होता है कल्याण,
लोभ-मोह को त्याग दे,रहे न मन में कभी चाह।
इस जीवन सरल बनाइए,बोलो मीठे बोल,
जीवन यह अनमोल है,मत दौलत से तौल।
— कालिका प्रसाद सेमवाल
