कविता

जीवन-नदी

सुख और दुःख की आहों के बीच
बहती हमारी जीवन-नदी
सिर्फ़ सबक ही नहीं,
सुंदर यादें भी
हमारे जीवन में
जोड़ती है—
यह हमें समझना ही होगा।
तभी तो
यह जीवन,
इस धरती पर
और भी सुंदर होकर
निरंतर बहता रहेगा—
इसमें कोई संदेह नहीं।

— अमंदा

एस. अमन्दा सरत्चन्द्र

श्री लंका