बुरा न मानो होली है
होली एक पवित्र त्योहार है,जहां आपसी मतभेद मिटाकर लोग आपस में गले मिल जाते ,और एक दूसरे को रंग.. अवीर लगाते हैं,तथा तरह..तरह के पकवान एक ..दूसरे को खिलाकर मुंह ..मीठा करवाते है,लेकिन अब होली ..होली नही रही ,बल्कि हुड़दंगो का त्योहार बन चुका है,होली के बहानेl लोग अपनी जाति …..दुश्मनी। भी निकालते हैं, और किसी के चेहरे पर केमिकल वाला रंग लगाकर उसे नुकसान भी पहुंचाते है। ,सुनंदा अपनी पड़ोसन से यही बाते कर रही थी, सुनंदा की पड़ोसन बोली आप सही कह रही बहन जी जमाना बिल्कुल बदल गया है अब भाई . चारा और आपसी प्रेम लोगो में रहा ही नहीं ,लोग एक दूसरे के बारे में सोचते भी नही है, और क्या होगा केमिकल वाला रंग लगाकर किसी के चेहरे पर? ,कितना दर्द और कितना तकलीफ झेलना पड़ेगा?बस अपने बारे में सोच लेते हैं,हमे तो मजा आयेगा ,उसे मजा चखा ..कर । कॉलेज के लड़के होली के दिन आने का बेसब्री से इंतजार करते है, ताकि वो लड़कियों को आसानी से छेड़ सके ,होली के बहाने सरे आम वो बदमाशी कर सके ,और लोग तो कुछ कहेंगे ही नही ,क्योंकि होली है,और इस होली के बहाने लड़कियों के उपर केमिकल वाला रंग डाल देते है, या फिर कोई सड़ा हुआ सामान फेक..कर तंग करते हैं, किसी लड़की के कपड़े फाड़ देते हैं, भरी बाजार में तंग करते है, अगर कोई लड़की अकेले दिख गई तो , होली के बहाने बदमाशी पर उतर आते है, उनका ऐसा हाल कर देते हैं,समाज में मुंह दिखाने के लायक नही रहते हैं, होली न कहो बल्कि। मन मर्जी का त्योहार कहो! और रिश्ते की बात करे तो वहां पर भी लोग अपनी मर्जी से होली खेलते है ,अगर जीजा.. साली के बीच होली हो ,या फिर देवर. भाभी के बीच होली हो तो ,खुब छेड़… खानी करते है वो स्त्रियों के संग , होली के बहाने वो लोग वहां स्त्रियों को रंग लगाते हैं, जिसे स्त्रियां अपनी इज्जत बचाकर रहती है, और तन.. ढक कर कपड़े पहना करती है, सुनंदा अपनी सहेली की बाते सुनकर बोली लोगो को तो अपने स्वार्थ से मतलब है,किसी का कुछ भी बुरा हो इससे क्या मतलब है, तो ये कैसी होली है ? ,जहां पर लोग अपनी मन मर्जी चलाए ,और होली के बहाने परेशान करे समाज को बदनाम करे रिश्तों की मर्यादा भूल जाए ,और सिर्फ अपने बारे में सोचे हमे तो बहुत मजा आया ऐसी होली खेल कर । जिसका हमने भरपूर फायदा उठाया , जबकि होली एक पवित्र त्योहार है, आपसी मतभेद मिटाकर रंग .. अबीर लगाकर गले ..मिलने का त्योहार है । लेकिन आज कल के लोग होली हुडदंग का त्योहार मान चुके हैं,और किसी को परेशान करते रहते हैं,और बड़ी आसानी से कह देते हैं,बुरा न मानो होली है?
— रीना सोनालिका
