हाइकु/सेदोका

शब्दों की सीमा

सन्नाटा गहरा,
अनकहे भाव छुपाए हैं,
मन बोले चुप।

हवा के झोंके,
कभी कहें तो कभी चुप,
संदेश लाए।

पानी की धारें,
धीरे-धीरे बहती जाएं,
शब्दों की सीमा।

चाँद की रोशनी,
अनकहे सपनों को छू जाए,
कहानी गढ़े।

फूलों की खुशबू,
बिन बोले सबकुछ कहे,
सहानुभूति दे।

सर्द हवा में,
कुछ बातें अधूरी रह जाएं,
मन में गूंजें।

सूरज की किरणें,
सुनहरे शब्द फैलाएं,
नया संदेश दें।

पत्तों की सरसराहट,
छुपी भावनाएँ बताए,
हर दिल छू जाए।

नदी की कल-कल,
अनकहे प्रेम का गीत,
शब्दों की सीमा।

चिड़ियों की चहचहाहट,
कभी बोलें तो कभी मौन,
सुख की गूँज।

शाम की ठंडी हवा,
अनकहे लम्हों की बात,
दिल को छू जाए।

रात की चांदनी,
मौन भावनाओं की छाया,
शब्दों की सीमा।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com