गीत/नवगीत

मेरा भारत महान रहा

इतिहास के पन्ने- पन्ने पर गौरव – गान लिखा है,
बरछी ढाल, कृपाणों से मातृभूमि का मान लिखा है,
बलिदानों की अमर साक्षी है यह पावन धरती,
जहाँ सांसों की सरगम पर हिंदुस्तान लिखा है।

दिव्यपुरुष वह मानव जिसने भारतभू पर जन्म लिया।
लहू बहा कर अपने तन का मातृभूमि पर हवन किया।
जाने कैसे कैसे सद्कर्म रहे होंगे उन वीरों के ?
जिनने प्राणों के ज्वारों पर वसुंधरा को चमन किया।

प्यारा भारत देश हमारा संस्कृतियों की खान रहा।
प्रेम , त्याग , तपस्या और बलिदानों की शान रहा।
अप्रतिम देश हमारा जिसका न्यारा सविधान रहा।
शौर्य अमर कथाओं वाला मेरा प्यारा हिंदुस्तान रहा।

वीर शहीदों को शीश झुकाए , ले श्रद्धा के फूल।
जिनके कारण हम जिंदा है, उनको कैसे जाए भूल।
वर्षों तक जिन पर नाज़ रहेगा अपने हिंदुस्तान को।
आओ! हम सब याद करे भारत के वीर जवान को।

खोलता हुआ रक्त रगों में और आँख में तूफान है।
धड़कने ‘जयहिंद’ बोले बस यही एक अरमान है।
कसमें खाकर इस मिट्टी की हम उतर पड़े मैदान में।
जिह्वा पर है राष्ट्र गान और दिल में हिंदुस्तान है।

— राम कुमार प्रजापति

राम कुमार प्रजापति

उपनाम-कुँवर पिता-श्री राम प्रसाद प्रजापति माता- श्रीमती केला देवी पत्नी-श्रीमती सीमा देवी जन्म दिनांक- 12 जुलाई,1990 पता -गाँव रौनीजा जाट,पोस्ट-शहदका, तहसील-लक्ष्मणगढ़(अलवर)राजस्थान पिन-301021 मोबाईल न.9079266054 योग्यता-एम. ए .बीएड.(हिंदी) व्यवसाय -अध्यापन व साहित्य सृजन विशेष - स्काउट मास्टर, नेशनल स्काउट जम्बूरी अवार्ड कबीर कोहिनूर अवार्ड,भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर कीर्ति रत्न सम्मान काव्य गुरु -बलवीर सिंह 'करूण' अलवर संस्थान -स्वामी केशवानन्द शिक्षण संस्थान ,लक्ष्मणगढ़, अलवर,राजस्थान। पद- व्याख्याता (हिंदी) आस्था साहित्य संस्थान,अलवर , उपाध्यक्ष - राष्ट्रीय कवि संगम,जयपुर (अलवर इकाई) ,माँ विंध्यवासिनी ट्रस्ट लखनऊ, भारत माता अभिनन्दन संगठन, अम्बेडकर नगर, काशी कविता मंच,वाराणसी के स्थायी सदस्य के रूप में साहित्य की सेवा में कार्यरत हूँ। लेखन कार्य की शुरुआत-2020 से प्रकाशित काव्य संग्रह 1 -आयुष काव्य संकलन शोध प्रबंध -सन्त नानक दास जी महाराज व मानवतावाद ( भारत सरकार से कॉपीराइट) ग्लोबल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी USA द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि के लिए चयन प्रकाशित रचनाएँ-उठो धरा के अमर सपूतों, स्वप्न मिलन,अभी कर्ज चुकाना बाकी है, मेरा भारत देश,राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, नारी को कम मत समझों, पत्नी का स्नेह,अनहद प्रेम ,माँ सम हिंदी,जिंदगी की राह में,मैं मजदूर किस्मत का मारा,मुझे लिखना नहीं आता,स्वप्न और यथार्थ, बस गाँव को गाँव रहने दीजिए, मेरी क्षुद्र लेखनी सफल हुई,आदमी को आदमी में ढूंढ़ रहा हूँ, भारत की बेटी,शहीदों को नमन,परमवीर योगेंद्र यादव,शहीद राजेन्द्र भांबू, राजनीति के गलियारें में, एक अनोखा अनुभव, अब होगी कोई भूल नहीं, मेरा हिंदुस्तान ( काव्य रचना )नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, श्रेष्ठ दुनिया के निर्माण में सन्तों की भूमिका( आलेख) मेरी जम्बूरी यात्रा व अर्बुद पर्वत की यात्रा प्रसिद्ध यात्रा वृतांत हैं। शोधप्रबंध - संत नानक दास जी महाराज और मानवता वाद राष्ट्रीय स्तर के सम्मान- सम्मान-शहीद भगतसिंह सम्मान2022,भारत माता अभिनन्दन सम्मान2022,ज्ञान सारथी सम्मान, साहित्य रत्न सम्मान, बेस्ट हिंदी कंटेंट राइटर सम्मान 2022,कबीर कोहिनूर सम्मान 2023,भारत रत्न डॉ अम्बेडकर कीर्ति रत्न सम्मान ,2023,महाकवि तुलसीदास राष्ट्रीय साहित्य सम्मान,श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान 2024 , नेपाल द्वारा मातृभाषा रत्न मानद उपाधि व अन्य 300 से अधिक प्रतिभाग प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।