कविता

शुभ आगमन

नव संवत्सर का शुभ आगमन,
लेकर आया पावन प्रकाश,
संस्कारों की मधुर सुगंध संग
जागृत हो जीवन का विश्वास।
प्रार्थना यही है परमेश्वर से
भर दें अंतर्मन में नव उजास,
बनकर ज्योति पुंज हृदय में,
हर लें अज्ञान का संपूर्ण नाश।
त्याग दें प्रतिशोध की भावना,
क्षमा को दें जीवन में स्थान,
दोषों का करें स्वयं निवारण,
यही है सच्चा आत्मज्ञान।
सकारात्मकता का दीप जलाकर
करें समाज का पथ प्रशस्त,
सेवा, करुणा, प्रेम के संग
जीवन हो पूर्णत: सुसज्जित।
जब अंतर्मन होगा प्रकाशित,
मिटेगा हर संशय, हर अंधकार,
तभी साकार होगा वास्तव में
नव संवत्सर का सच्चा सत्कार।

— मुनीष भाटिया

मुनीष भाटिया

जन्म स्थान : यमुनानगर (हरियाणा) उपलब्धियां: विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित लेख एवं कविताएँ I प्रकाशन: चार कविता संग्रह एवं तीन निबंध संग्रह, तीन quote बुक्स राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की दस हजार से अधिक पत्र पत्रिकाओं में वर्ष 1989 से निरंतर प्रकाशन I 5376, एरोसिटी, ऍफ़ ब्लाक, मोहाली -पंजाब M-7027120349 munishbhatia122@gmail.com