दोहा
जिनको मरना आ गया, उन्हे मिली बस श्वास
जो लड़कर मरते वही, बनते हैं बस खास
जिनको अपने पर नहीं, थोड़ा भी विश्वास
वो राजा बनते नहीं, सदा रहेगें दास
— शालिनी शर्मा
जिनको मरना आ गया, उन्हे मिली बस श्वास
जो लड़कर मरते वही, बनते हैं बस खास
जिनको अपने पर नहीं, थोड़ा भी विश्वास
वो राजा बनते नहीं, सदा रहेगें दास
— शालिनी शर्मा