दोहा
शोक मना के कर दिया,पूरा अपना फर्ज।बच्चे जो जलकर मरे,चढ़ा गये हैं कर्ज।। कितनी सस्ती हो गई,अब बच्चों की जान।भृष्टाचारी
Read Moreजन्मदिवस हनुमान का, हर्षित सीता राम |बिगडे़ काम संवारता, है हनुमत का नाम |भक्त अनोखा हो गया, सिया राम का
Read Moreठोकर खाकर भी उठा, हार न थी मंजूरतेज भाग कर मिल गयी, मंजिल जो थी दूर एक पैर जब कट
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