दोहा
जिसने जब जब भी किया,गुरूओं का अपमान।कभी नहीं वो पा सका,इस दुनिया में मान।। अगर किसी चाणक्य का,हुआ कहीं अपमान।नन्द
Read Moreजन्मदिवस हनुमान का, हर्षित सीता राम |बिगडे़ काम संवारता, है हनुमत का नाम |भक्त अनोखा हो गया, सिया राम का
Read Moreठोकर खाकर भी उठा, हार न थी मंजूरतेज भाग कर मिल गयी, मंजिल जो थी दूर एक पैर जब कट
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