सामाजिक

उन्नति या अवनती

मेरी उम्र लगभग 78 वर्ष है। बचपन से ही हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र और आकाशवाणी पर हिंदी और अंग्रेजी के समाचार बराबर सुनना मेरी दिनचर्या में शामिल था ,क्योंकि इसमें पिता जी का आदेश था, आज बहुत अंतर आ चुका है पहले आकाशवाणी के समाचार सुनने के बाद लगभग यह तय हो जाता था कि कल समाचार पत्र में क्या विस्तार से पढ़ने को मिलेगा, लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं है,समाचार किसी भी भाषा में हो लगता ऐसा था कि पहले वह समाचार अंग्रेजी में लिखे जाते हैं फिर उनका अनुवादित रूप अन्य अखबारों में या आकाशवाणी के समाचार में मिलता है,
समाचार सुनने और अखबार पढ़ने का एक बहुत बड़ा लाभ मुझे यह हुआ कि मुझे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान पूरा मिला और साथ में ही दुनिया भर की गतिविधियों के बारे में पता चल रहा था ,यह मुझे बाद में बहुत सारे प्रतियोगिताओं में काम आया।
अब तो हर चैनल पर आप समाचार लगा लीजिए हर एक की अपनी कहानी चल रही होती है, जो कई बार तो वास्तविकता से भी दूर नजर आती है। कभी-कभी तो यह लगता है की समाचारों में क्या दिखाना है यह पहले से तय कर दिया जाता है फिर उसके हिसाब से ही समाचार बनाए जाते हैं इन्हें घटनाक्रम और महत्व से कोई संबंध नही होता।
आकाशवाणी के समाचारों में सबसे पहले अगर लोकसभा या राज्यसभा का कोई सेशन चल रहा है तो वहां पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा है, कौन सा बिल पास हुआ है, या किस बिल पर चर्चा हुई है, या वहां की विरोधी पक्ष ने अपना क्या सुझाव दिया है इस बारे में बात होती थी, फिर देश के मुख्य समाचार सुनाए जाते थे अंत में खेल समाचार और मौसम का हाल बताया जाता था। आजकल ऐसा कुछ भी सुनने को नहीं मिलता ना देखने को मिलता है अगर विपक्ष विरोध प्रकट करना चाहती थी तो उसका एक ही रास्ता था सदन से वाकआउट,लेकिन सब कुछ शांतिपूर्वक होता था
आजकल सदन की कार्रवाई देखकर बहुत दुख होता है कि हमारे देश में अनुशासनहीनता कहां तक पहुंच गई है वह भी ऐसी जगह पर जिसे लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है और140 करोड़ जनता में से यह 500-600 लोग जनता द्वारा चुनकर भेजे गए हैं।
जो संसद सदस्य संसद में अनुशासनहीनता दिखाते हैं उनको वोट देने वाले विशेष रूप से सोचते होंगे, हमने किन को चुनकर भेजा है।

— जय प्रकाश भाटिया

जय प्रकाश भाटिया

जय प्रकाश भाटिया जन्म दिन --१४/२/१९४९, टेक्सटाइल इंजीनियर , प्राइवेट कम्पनी में जनरल मेनेजर मो. 9855022670, 9855047845

Leave a Reply