कविता

मित्रता दिवस

दिवस मित्रता आप मनाएं। 
रिश्ते की सब लाज बचाएं।।
लोभ लालसा मन मत लाएं।
मित्र -मित्रता के गुण गाएं।।

मित्र सदा मन को सुख देता।
मित्र साथ सब दुख हर लेता।।
संकट में जो साथ निभाए।  
चुपके से मुँह नहीं छिपाए।।।। 

नहीं बात का वो हो कच्चा।
मित्र बनाओ प्यारा सच्चा।।
जाति-धर्म का भेद न जाने।
इस रिश्ते को पावन माने।।

हर मुश्किल में साथ निभाए।
पड़े जरूरत बल बन जाए।
हिम्मत साहस सदा बढ़ाए।
दूजा संकट निज का पाए।।

भ्राता सम रिश्ता ये प्यारा।
फैला दे जो जग उजियारा।।
कभी नहीं जो दाग लगाए।
वही मित्र हम सबको भाए।।

दिवस मित्रता आप मनाओ।
रिश्ता अपना अमर बनाओ।
जगत आपकी कथा सुनाएँ।
ऐसी आप नजीर बनाएं।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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