सामाजिक

तीन का महत्व

इस सृष्टि में तीन लोक
स्वर्ग लोक
पृथ्वी लोक
पाताल लोक

सृष्टि के संचालन हेतु तीन देवता
ब्रह्मा
विष्णु
महेश

ईश्वर के तीन रूप/जीवन के तीन सार
सत्यम्
शिवम्
सुंदरम्

पृथ्वी लोक में तीन प्रकार के प्राणी
जल चर
थल चर
नभ चर

पृथ्वी पर पदार्थों के तीन प्रकार
ठोस
द्रव
गैस

श्रेष्ठ प्राणी मनुष्य के तीन लिंग
पुरलिंग
स्त्रीलिंग
उभय लिंग

मनुष्य की तीन अवस्थाएं
बाल
युवा
वृद्ध

मनुष्य के तीन गुण (त्रिगुण)
सत्व
रज
तम

कर्म के तीन प्रकार
संचित
प्रारब्ध
क्रियाजन्य

तीन प्रकार की उपचार पद्धति
आयुर्वेदिक
एलोपैथिक
होमियोपैथिक

आयुर्वेद में रोग के तीन कारण (त्रिदोष)
वात
पित्त
कफ़

आयुर्वेदिक दवा के तीन रूप
आसव
क्वाथ
वटी/चूर्ण

एलोपैथी में रोग के तीन रूप
बैक्टिरियल
वायरल
फंगल

एलोपैथी में दवा देने के तीन प्रकार
इंजेक्शन/टीका
गोली/कैप्सूल
सिरप

होमियोपैथी में रोगी के तीन प्रकार
सोरिक
साइकोटिक
सिफलिटिक

होमियोपैथी में दवा के तीन प्रकार
मदर टिंक्चर
डायलूशन
नोसोड

मृत्यु के बाद प्राणी की तीन गति
मोक्ष
पुनर्जन्म
प्रेत योनि

— प्रेम चन्द्र शुक्ल

प्रेम चन्द्र शुक्ल

यूको बैंक में प्रबंधक के दायित्व से वर्ष 2011में अवकाश प्राप्त किया 1981 में योग में डिप्लोमा किया 1977 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक द्वितीय वर्ष प्रशिक्षित नगर व जिला स्तर पर विभिन्न दायित्वों का निर्वहन, वर्तमान में लखनऊ उत्तर भाग में परिवार प्रबोधन का कार्य। पता: एमएम 178, सेक्टर डी, अलीगंज, लखनऊ (226024) चल भाष: 7652045355

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