मोदी कहीं नहीं जाएगा
अभी मैं बिस्तर पर जाने की सोच ही रहा था
कि दुश्मन की तरह दुश्मन की तरह
मित्र यमराज आ गए आ गए
पूरे अधिकार से कंबल ओढ़ कर बैठ गए
और कहने लगे -प्रभु! मेरी समझ में नहीं आ रहा है
कि अब जब लोग कह रहे हैं
कि मोदी कहीं नहीं जाएगा
तब समस्या यह है तब समस्या यह है कि
जब मोदी नहीं जाएगा
तो भला राहुल बाबा कैसे आएगा।
मैंने बड़े प्यार से समझाया – नहीं आएगा
यमराज चौंक गया -क्या मतलब?
मैंने कहा – मतलब ये कि मोदी अपना डोरी लोटा
गाय वाले को सौंपकर जाएगा,
राहुल बाबा के साथ सिर्फ झुनझुना रह जाएगा।
यमराज झुंझलाया- बस कर यार
-पहेलियां क्यों बुझाता है?
राहुल बाबा को जो बिल्कुल नहीं भाता है,
योगी का राम से सदियों पुराना नाता है
जो राहुल के समझ में बिल्कुल नहीं आता है।
मैं सहमति जताते हुए कहा -हाँ
लोग भी अब राजनीति की भाषा समझने लगे हैं
इसलिए योगी को परदे के पीछे
अखाड़े में उतरने से पहले
हर तरह से तैयार कर रहे हैं,
राहुल को मोदी तो दिख रहे हैं
योगी उन्हें नजर ही नहीं आ रहे हैं।
यमराज गहरी सांस लेते हुए बोला
मतलब राहुल के अंगूर खट्टे हैं ?
मैंने कहा – बिल्कुल नहीं,
राहुल तो बिना अंगूर के पट्टे हैं।
तब अब राहुल क्या करेंगे?
मैंने कहा करेंगे क्या – चीखते चिल्लाते रहेंगे
धरना पर्दशन करते-करते तक जाएंगे
और फिर घर बैठे जाएंगे,
उनके अपने कथित शुभचिंतक उन्हें उकसाएंगे
और तब वे योगी बाबा की शरण में आ जाएंगे,
धूनी रमाएंगे, राम की महिमा गातज नजर आएंगे
और फिर राजनीति के दलदल का इतिहास हो जाएंगे।
