लघुकथा

कहाँ मिलेगी?

वह अमीर तो बहुत था. क्या कुछ नहीं खरीद सकता था. आज भी वह कुछ खरीदने निकला. अलबत्ता रोज़ के उल्टे आज वह अपनी गाड़ियों को छोड़कर पैदल ही निकला था.

“आप और पैदल-अकेले!” किसी ने आश्चर्य से पूछा.

“गाड़ियों और घर की आर्टिफिशियल हवा से तंग आ गया हूँ.” कहकर वह तेज़ उर्जावान क़दमों से आगे बढ़ गया.

चलते-चलते एक दुकान पर जाकर रुका और अपनी चीज़ मांगी. वहां उसे वह नहीं मिली. उसने अपना पसीना पौंछा और दूसरी दुकान पर चला गया, लेकिन वहाँ भी उसे जो चाहिए, वह नहीं था.

इसी तरह दुकान-दर-दुकान घूमते-घूमते शाम हो गई, लेकिन उसे अपनी चीज़ नहीं मिली. हाँफते हुए वह एक ऐसे मॉल में पहुंचा, जहां हर चीज़ मिलती थी. बाहर रिसेप्शन पर खड़े व्यक्ति से उसने अपनी चीज़ के लिए पूछा, लेकिन उस व्यक्ति ने भी उसे मना कर दिया.

पास में एक हँसता हुआ बच्चा जा रहा था, उसने तुतलाती जुबान में पूछा, “अंकल, आपको क्या चाहिए?”

और उसने मुंह से लम्बी सांस लेकर, थके स्वर में उत्तर दिया, “तुम्हारे और मेरे लिए ताज़ी लेकिन साफ़ हवा.”

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी शिक्षा: विद्या वाचस्पति (Ph.D.) सम्प्रति: सह आचार्य (कम्प्यूटर विज्ञान) साहित्यिक लेखन विधा: कविता, लघुकथा, बाल कथा, कहानी 18 पुस्तकें प्रकाशित, 10 संपादित पुस्तकें 52+ शोध पत्र प्रकाशित 70+ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त फ़ोन: 9928544749 ईमेल: writerchandresh@gmail.com डाक का पता: 3 प 46, प्रभात नगर, सेक्टर-5, हिरण मगरी, उदयपुर (राजस्थान) – 313 002 यू आर एल: https://sites.google.com/view/chandresh-c/about ब्लॉग: http://laghukathaduniya.blogspot.in/

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