घर की देहरी
मेरे बंद कमरे की,छोटी सी खिड़की से,देखूं मैं, बरसात, ठंड और चढ़ती दोपहरी,इन बदलते मौसमों कीरंगत से सजाये मैंने भी
Read Moreमेरे बंद कमरे की,छोटी सी खिड़की से,देखूं मैं, बरसात, ठंड और चढ़ती दोपहरी,इन बदलते मौसमों कीरंगत से सजाये मैंने भी
Read Moreजैसे -जैसे हमारा जीवन बीतता जाता है, वैसे – वैसे नये-नये अनुभव हमारे सामने एक के बाद एक आकर खड़े
Read Moreअभी कुछ समय पहले मिसेज फिल्म देखी,सच बताऊं तो बेहतरीन फिल्म है और बेहतरीन तरीके से फिल्म में सच को
Read Moreकोलकाता डॉ रेप केस ने हम सबको हिलाकर रख दिया। कहीं डर का माहौल बना तो कहीं आक्रोश का। मैं
Read Moreमेरे दिल के करीब है,ये बारिश का पानी।बारिश की हर बूंद,मुझसे कहती है मेरी कहानी।ये बारिश ही तो है,जो मुझे
Read Moreमैं चाहे अकेली चलूँ,पर तेरे होने का अहसास बना रहे।मैं भले अंधेरों में भटकूं,पर तेरी कृपा का प्रकाश बना रहे
Read Moreकदमों को वहां ले चलो, जहां कदम कभी नहीं पड़ते हैं। और देखो बड़ी-बड़ी होटलों के पीछे, छोटे टूटे-फूटे घरों
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