पहेली (कविता)
तेरी पहेली सुलझाऊँ कैसे ए जिंदगी तुझे रिझाऊँ कैसे वक्त ने तन्हाई दी हमें अब खिलौनों से खेलकर जिंदगी तुझे
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Read Moreहद से बढ़कर सरहद से प्यार है माँ की ममता सा दुलार है। कभी माँ का लाडला हुआ करता था
Read Moreकामिनी जी बड़ी बेचैनी से डाकिये का इंतजार कर रही थी । आखिर क्यों ना इंतजार करे , गाँव में
Read Moreफुल नहीं कहता किसी से आओ मुझसे प्यार करो मोहनी मुस्कान इसकी बरबस हमें लुभाती है। काँटों भरे दामन में
Read Moreरात के बारह बजने वाले थे और रसोईघर का काम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था । कल
Read Moreफूल ले लो…हाँक लगाता हुआ ठेलेवाला जैसे ही सोसायटी में आया महिलाएँ निकल पड़ीं अपने लिये फूल और गमले खरीदने
Read Moreघर में कदम रखते ही बेटे को सरप्राइज देने की इच्छा परी की धुमिल हो गई ।क्योंकि एक मैसेज मम्मी
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