गीतिका/ग़ज़ल आशीष द्विवेदी साथी 07/12/202507/12/2025 ग़ज़ल खेत में खरपतवार बहुतऔर फसल बीमार बहुत ।दूषित हो गया सभ्य समाजओर रिश्ते तार तार बहुत।गली में नहीं पटती किसी Read More
गीतिका/ग़ज़ल आशीष द्विवेदी साथी 09/12/202409/12/2024 ग़ज़ल ये किसने लगाई आग कि जल रही है हवापता नहीं किस मौसम में पल रही है हवा ।लोग कहते हैं Read More