कविता आशीष द्विवेदी साथी 28/06/202628/06/2026 0 Comments कुछ लोग शाम को घर जल्दी जाने की चाहत मेंदुपहरी में भी जल जाते हैं कुछ लोग ।पालना सबके नसीब नहीं होता Read More
कविता आशीष द्विवेदी साथी 21/03/202621/03/2026 पति –पत्नी रिश्तों की पहचान होआत्मीयता, अपनापन होनर देव नारी का भीदेवी तुल्य सम्मान हो ।ना दहेज के झगड़ेना लड़ाइयां अकारणपति पत्नी Read More
गीतिका/ग़ज़ल आशीष द्विवेदी साथी 07/12/202507/12/2025 ग़ज़ल खेत में खरपतवार बहुतऔर फसल बीमार बहुत ।दूषित हो गया सभ्य समाजओर रिश्ते तार तार बहुत।गली में नहीं पटती किसी Read More
गीतिका/ग़ज़ल आशीष द्विवेदी साथी 09/12/202409/12/2024 ग़ज़ल ये किसने लगाई आग कि जल रही है हवापता नहीं किस मौसम में पल रही है हवा ।लोग कहते हैं Read More