मैं दीन – हीन लघु दीप एक
मैं दीन – हीन लघु दीप एक, थोड़ा – सा स्नेह प्रदान करो। रख दो गरीब की कुटिया में, उनकी
Read Moreमैं दीन – हीन लघु दीप एक, थोड़ा – सा स्नेह प्रदान करो। रख दो गरीब की कुटिया में, उनकी
Read Moreपावन त्याग और अतुलित बलिदान की यशोभूमि का नाम है भारत वर्ष। शिशु अजय सिंह के बलिदान, साहिबजादा जोरावर सिंह
Read Moreहर राष्ट्र की अपनी एक राष्ट्रभाषा होती है इसलिए भारत जैसे सम्प्रभुता सम्पन्न, विशाल, सबसे बड़े गणतन्त्र राष्ट्र की भी
Read Moreवक्त के साथ जमाना बदला और बदल गए बच्चों के सारे खेल भी। गुल्ली डंडा, आँख मिचौली, लट्टू नचाने से
Read Moreबोलने को तो सभी बोलते हैं। नदी, नाले, समंदर, झरने भी बोलते हैं। पशु-पक्षी भी बोलते हैं। महसूस करें तो
Read Moreभारत की व्यावसायिक/व्यापारिक राजधानी मुम्बई यूँ तो हमेशा से ही खास रही है। आजकल उद्धव- संजय की नादानियों ने और
Read Moreभारतेन्दु हरिश्चंद्र जी की, कलम रचे वो छंद। खुल जायें सब द्वार दिमागी, जो थे पहले बंद।। हो कोई चौपट
Read Moreदुनिया में सर्वाधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली हिंदी भाषा अपने ही घर में विमाता बनाई गई है। गणतन्त्र भारत
Read Moreगुरु महिमा सबसे बड़ी, गुरु से बड़ा न कोय l गुरु बिनु ज्ञान मिले नहीं, सो गुरु पूजन होय ll
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