मैं विश्वनाथ का नंदी हूँ
मैं विश्वनाथ का नंदी हूँ, दे दो मेरा अधिकार मुझे। वापी में हैं मेरे बाबा, कर दो सम्मुख-साकार मुझे।। अब
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Read Moreपरिवर्तन का जोश भरा था, कुर्बानी के तेवर में। उसने केवल कीमत देखी, मंगलसूत्री जेवर में।। हम खुशनसीब हैं कि
Read Moreओ माई गॉड, पी के, आदिपुरुष के बाद अब ओ माई गॉड-2 आने वाली है। कुछ लोग मनोरंजन करेंगे, कुछ
Read Moreअंतराल चाहे जहाँ भी हो, दिखता तो है ही। चाहे यह एक ही परिवार में दो पीढ़ियों के बीच ही
Read Moreगुवाहाटी। मेलाराम वफ़ा साहित्य अकादमी के तत्वाधान में गुवाहाटी असम साहित्य सभा, ज्योति अग्रवाल हाल में मेलाराम वफ़ा साहित्य अकादमी
Read Moreयाद है मुझे अभी भी ठीक से याद है मुझे यही कोई चार-पाँच साल की रही होगी मेरी उमर मेरे
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