ग़ज़ल
यह जिस्म कभी बूढा ना होता।तेरा प्यार अधूरा ना होता।सूरज चांद सितारे ना होते,गगन कभी भी पूरा ना होता।कौन सुहागन
Read Moreरंगों की रानी कहलाए।सुरभि के संग उड़ती जाए।सब बच्चों के मन को भाए।देखो तितली उड़ती जाए। प्यार करे सत्कार सीखावे।न
Read Moreसाहित्य का गुलज़ार बनाया पातर ने। एक अलग संसार बनाया पातर ने। सृजन वाली शक्ति भक्ति उस में थी, बिम्बों
Read Moreउच्च शिक्षा का रस्ता है यह। देखो तो लगता सस्ता है यह। बच्चों का किरदार है बस्ता। जीवन का आधार
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