चारों ओर आग ही आग
आग चारों ओर लगी हैदेश को बचाना है,बारूद का ढेरबैठा हुआ देश परईश्वर ही बचाए इसे। कब सुलग उठेगी आगकोई
Read Moreआग चारों ओर लगी हैदेश को बचाना है,बारूद का ढेरबैठा हुआ देश परईश्वर ही बचाए इसे। कब सुलग उठेगी आगकोई
Read Moreअन्नदाता को नमन शुभ धन्यता है आपसे। गाँव से कुछ दूर खेतों में भरा जलकृषक ले अर्धांगिनी उसका वही बलपौध
Read Moreजिसे हिंदी वाले दल के नाम से नहीं ‘पार्टी’ के नाम से जानते हैं, उसे ही वे ही लोग ‘दल’
Read Moreअद्भुत अनुपम भारत मेरा।प्रचुर सम्पदा का शुभ घेरा।। कलरव करतीं यमुना गंगा।फहराता है सदा तिरंगा।।देव – देवियाँ करतीं फेरा।अद्भुत अनुपम
Read Moreजगत कर्म में लीन है, किंतु न जाने माप।कर्म कौन सा पुण्य है, और कौन सा पाप!! अपना सुख संतोष
Read Moreदेखो खड़ी सड़क पर टेरे कचरे वाली गाड़ी। कूड़ेदान उठाओ अपने दौड़ो शीघ्र उँडेलोनहीं अधिक वह खड़ी रहेगी कचरा बाहर
Read Moreचलो साथियो हाथी आया।जिसने देखा वह चकराया।। खंभे जैसी उसकी टाँगें।कुत्ते देख भौंकते भागें।।लम्बी सूँड़ हिलाता पाया।चलो साथियो हाथी आया।।
Read Moreयदि किसी कुत्ते को खाने के लिए कुछ दिया जाए, तो खाने से पहले वह सूँघकर जान लेता है कि
Read Moreश्वेत वसन हैं देह पर,कागा बने मराल।कहते करें विकास वे, बैठ कँटीली डाल।। खाते हैं वे वेश का, चूस-चूस कर
Read Moreपरनारी परद्रव्य पर, टपक रही है लार।मनुज बहुत रहते यहाँ, निज मन से बीमार।। ‘शुभम्’ सकल संसार में,भटक रहे कुछ
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