दोहा – हिंदी ही प्रज्ञान
सब में एक हिंदी अपना ज्ञान है, हिंदी ही सम्मान।हिंदी के हम भक्त हैं, हिंदी ही प्रज्ञान।।हिंदी भी यह जानती,
Read Moreसब में एक हिंदी अपना ज्ञान है, हिंदी ही सम्मान।हिंदी के हम भक्त हैं, हिंदी ही प्रज्ञान।।हिंदी भी यह जानती,
Read Moreआग चारों ओर लगी हैदेश को बचाना है,बारूद का ढेरबैठा हुआ देश परईश्वर ही बचाए इसे। कब सुलग उठेगी आगकोई
Read Moreअन्नदाता को नमन शुभ धन्यता है आपसे। गाँव से कुछ दूर खेतों में भरा जलकृषक ले अर्धांगिनी उसका वही बलपौध
Read Moreजिसे हिंदी वाले दल के नाम से नहीं ‘पार्टी’ के नाम से जानते हैं, उसे ही वे ही लोग ‘दल’
Read Moreअद्भुत अनुपम भारत मेरा।प्रचुर सम्पदा का शुभ घेरा।। कलरव करतीं यमुना गंगा।फहराता है सदा तिरंगा।।देव – देवियाँ करतीं फेरा।अद्भुत अनुपम
Read Moreजगत कर्म में लीन है, किंतु न जाने माप।कर्म कौन सा पुण्य है, और कौन सा पाप!! अपना सुख संतोष
Read Moreदेखो खड़ी सड़क पर टेरे कचरे वाली गाड़ी। कूड़ेदान उठाओ अपने दौड़ो शीघ्र उँडेलोनहीं अधिक वह खड़ी रहेगी कचरा बाहर
Read Moreचलो साथियो हाथी आया।जिसने देखा वह चकराया।। खंभे जैसी उसकी टाँगें।कुत्ते देख भौंकते भागें।।लम्बी सूँड़ हिलाता पाया।चलो साथियो हाथी आया।।
Read Moreयदि किसी कुत्ते को खाने के लिए कुछ दिया जाए, तो खाने से पहले वह सूँघकर जान लेता है कि
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