ग़ज़ल
आज कहीं बरबाद न कर दे, आने वाला कल सोचूँगा । अब हर एक मुद्दे से पहले जन जमीन जंगल
Read Moreनारी और नदी कहीं ना कहीं समान होती हैं। दोनों अपनी जगह पर महान होती हैं। एक जीवन दायक जल
Read Moreनित नित कष्ट उठाती अम्मा। कभी नही उकताती अम्मा । * सूखे मेँ थी मुझे सुलाती , गीले मे सो
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