प्राण के बाण 14वीं किश्त
कवि न उठा तो दानवता से नैतिकता डर जायेगी। नैतिकता डर गई उसी क्षण मानवता मर जायेगी।।1।। चारों ओर कलह
Read Moreकवि न उठा तो दानवता से नैतिकता डर जायेगी। नैतिकता डर गई उसी क्षण मानवता मर जायेगी।।1।। चारों ओर कलह
Read Moreजो न बता पाए हैं अन्तर पूड़ी और पराठे में। उनके ही उत्तर आए हैं कुश्ती और कराटे में।।1।। जिनको
Read More1- झगड़े से घर का घाटा है बात प्राण ने सही कही। सास बहू की तनातनी में बिल्ली ही पी
Read More1- धीरज का मीठा फल होता चखना बहुत जरूरी है। संकट में सन्तुलन बुद्धि का रखना बहुत जरूरी है।। 2-
Read More1. राणा प्रतापऔर उनके वीर ~~~~~~~~~~~~~~~~ शौर्य के प्रचण्ड पिण्ड कहो मारतण्ड चण्ड, तोड़ दिग्गजों की तुण्ड ठण्ड झेलने लगे
Read Moreकब तक नियम और तोड़ोगे? कितनी नैतिकता छोड़ोगे?? युग को भला किधर मोड़ोगे? टूटे हृदय न जोड़ोगे तो , कालिख
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