अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ दोहे…
मुक्ति चाहते हो अगर, कैसा भी हो रोग। सुबह सवेरे कीजिये, नितप्रतिदिन ही योग।१। गहरा लंबा स्वांस ले, कर
Read Moreमुक्ति चाहते हो अगर, कैसा भी हो रोग। सुबह सवेरे कीजिये, नितप्रतिदिन ही योग।१। गहरा लंबा स्वांस ले, कर
Read Moreकदकाठी मजबूत हो, या हो कोमल देह। जीवन के हर मोड़ पर, मिले पिता का नेह। मिले पिता का नेह,
Read Moreरात अँधेरी वो था आया मेरा मन कुछ कुछ घबराया देख भोर को छुपता मांद क्या सखि प्रेमी..? न सखि
Read Moreहै मुहब्बत अगर तो अना छोड़ दो। या मुहब्बत का ये फैसला छोड़ दो। ख्वाहिशे वस्ल है फिर ये कैसी
Read Moreपुनः परीक्षा ले रहे, रखा न पहले ध्यान। सीबीएसइ ने किया, जारी एक बयान। जारी एक बयान, करो छात्रों तैयारी।
Read Moreहे मात अम्बे रानी, हे मात अम्बे रानी। सुन लो पुकार मेरी, कष्टों में जिंदगानी। महिषा असुर से फिर माँ
Read More#आधुनिकता नैतिक मूल्यों को रखा, बड़े गर्व से ताक। खूब उड़ाई धूल में, संस्कारों की खाक। संस्कारों की खाक,
Read Moreश्रृंगार छ्न्द अरे….! हो जाये हाहाकार। न लूटो जीवन का आधार। प्रथम जल जीवन है तो जीव। अन्यथा तृण मानव
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