मां के चरणों मे समर्पित एक गीत
हे मात अम्बे रानी, हे मात अम्बे रानी। सुन लो पुकार मेरी, कष्टों में जिंदगानी। महिषा असुर से फिर माँ
Read Moreहे मात अम्बे रानी, हे मात अम्बे रानी। सुन लो पुकार मेरी, कष्टों में जिंदगानी। महिषा असुर से फिर माँ
Read Moreअनमोल बड़ा है ये बंधन। पावन रिश्ता रक्षाबंधन। उमड़ उमड़ के मन है जाता। जबजब रक्षा बंधन आता। मन नेह
Read Moreकैसे ये तीज मनाऊं मैं। कैसे तो रीझ दिखाऊँ मैं। बिन साजन सूना सावन है। सूना ये
Read Moreकोई इल्जाम हमपे लगाना नही। बोलती सच मैं करती बहाना नहीं आ भी जाते समय पर मगर क्या करें, बन्द
Read Moreपास तुम बैठो जरा सा बात कुछ करनी अभी है। बाद में देना बहाना वक़्त की जो भी
Read More?????? कृष्ण को सदैव राधिका रही पुकारती। तृष्ण को सुने न कृष्ण राह थी बुहारती। पीर है बढ़ी चली
Read Moreगाय हमारी माता है ये, बच्चा बच्चा गाता है। आज वहीं उस मातृभूमि पर, माँ को काटा जाता है। जिसका
Read Moreतुझ पे दिल हारकर दिखाना है। नाम लब पर तेरा सजाना है । मेरे सागर नदी बनूं तेरी । सिलसिला
Read Moreबिन तुम्हारे जिंदगी परिहास है। शेष अब तो आस ही बस आस है। भेजते थे तुम कभी जो खत हमें
Read Moreधन्य हुआ शिवनेर दुर्ग था, धन्य हुई भारत माता। जन्म लिये जब वीर शिवाजी, धन्य हुई जीजा माता। लालन-पालन किया
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