उम्र की सच्चाई
इतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं, रिश्तों की भरमार है पर रिश्तों का अस्तित्व नहीं
Read Moreइतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं, रिश्तों की भरमार है पर रिश्तों का अस्तित्व नहीं
Read Moreकिसने किसका साथ निभाया, मछली ही जाल में आई, पानी कभी नहीं आया रात भर दिल जला कर शमा रोशनी
Read Moreमहिला है तो क्या हुआ, हम अबला नहीं है, हम कोई बेजुबान भी नहीं , हम भी पुरुष से कन्धा
Read Moreकुछ आंसू ऐसे होते हैं ,जो पलकों में रह जाते हैं , कुछ आंसू ऐसे होते हैं ,जो मिटटी में
Read Moreव्रत या उपवास हम बचपन से सुनते और देखते आये हैं, सबसे पहले मंगलवार को हनुमान जी का व्रत सुना
Read Moreवो आस्तिक या नास्तिक ही सही , पर पूरा तो ईमान रखता है … इंसानियत के नाते , इंसान की
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