हास्य-व्यंग्य – आलोचक की आलोचना
रामस्नेही एक कवि थे। उदारता से भरी रचनायें लिखते थे। उनकी ख्याति देश के कोने-कोने तक हुई। उनकी एक कविता
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Read Moreचीलर कपड़ों के अंदर पाये जाते हैं। खासकर जो सबसे अंदर पहने जाते हैं। रक्तचूसक परजीवी होता है। सफेद दिखाई
Read Moreनेताजी बोले कि आज गरीब बस्तियों में चलों। वोट का ढेर है। चुटकी बजा दो। वोट का रेला उसकी तरफ
Read Moreमैं हिंदी में अगर सबसे ज्यादा किसी साहित्यकार को पसंद किया तो वे मुंशी प्रेमचंद जी हैं। उनकी कहानियों को
Read Moreजिले में एक ईमानदार अफसर की नियुक्ति हो गयी। बिना घूस लिये काम करता। दलाली एक रूपये की नहीं। बड़ा
Read Moreसरकार ने एक नंबर जारी किया कि जो घूस मांगता है उसकी इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Read Moreचौधरी रामलखन एक नाक वाले व्यक्ति हैं। नाक को बचाकर रखते हैं। नाक एक सामाजिक ताकत देता है। नाक कटना
Read Moreनेता सज्जन होते हैं। साफ-सुथरे होते हैं। दाग धब्बा नहीं लगा होता है। सादगी पसंद है। सादगी के बगैर रह
Read Moreमैं लिखता हूँ। बहुत बड़ा लिखक्कड़ नहीं हूँ। आम जनता का लेखक हूँ। उनके बातें होती हैं। उनका दर्द, उनकी
Read Moreकई सालों से जनता के बीच रहकर सेवा करने वाले जननेता जब चलते हैं तो भीड़ का सैलाब ही सैलाब।बच्चों,
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