कविता

किशोर की ललकार

किसी की जमीर पर
लात-घूसा मत मारो
उम्र में छोटा है
कमजोर समझ कर
तीर मत चलाओ
बच्चा समझकर
मां को अपमानित करोगे
सत्ता का चाबुक चलाओगे
ज्यादती करोगे
चीर-फाड़कर रख दूंगा
पन्द्रह वर्षीय किशोर की
बोल पड़ी आत्मा
जब पुलिस ने उसकी माँ को
अपशब्दों से नवाजा

— जयचन्द प्रजापति ‘जय’

*जयचन्द प्रजापति

प्रयागराज मो.7880438226 jaychand4455@gmail.com

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