विचारों का हथियार
वे लोगजो तमंचों के बल परजीतना चाहते हैं जंग उनके अंदरअपनी मौलिक ताकतकमजोर हो चुकी है वे डरें हैंसामने वाले
Read Moreवे लोगजो तमंचों के बल परजीतना चाहते हैं जंग उनके अंदरअपनी मौलिक ताकतकमजोर हो चुकी है वे डरें हैंसामने वाले
Read Moreमां तो माँ हैचाहे वो किसी छप्पर में रहती होया किसी राजमहल में वह मां होती हैअपने बच्चों के लिएबच्चा
Read Moreमैं हास्य-व्यंग्य रचनायें लिखता रहता हूँ। लिखना अच्छा लगता है। पाठकगण जब पढ़ कर वाह-वाह कर उठते हैं। मेरा भी
Read Moreनेताजी चुनाव जीत गये। समर्थकों ने माला पहनाया और नेताजी को देशी घी का लड्डू खिलाया। नेताजी गदगद हो गये।
Read Moreबेचारे चुनाव हार गये। बड़ी उम्मीद थी। कर्जा लेकर चुनाव लड़े थे। पूरा दांव लगा बैठे थे। साम, दाम, दंड
Read Moreएक बार सुबह-सुबहपिज़्ज़ा, बर्गर में हुई लड़ाई पिज़्ज़ा बोला–मुझको जो खाता है,वह मेरा गुण गाता है। बर्गर तुनककर बोला–तुझसे ज्यादा
Read Moreबसंती हवा चली हैझूम के चली है।गीत गाकर चली है,खिलखिलाकर चली है। खेतों से होकर,बागों से मिलकर।गलियों में चली है,फूलों
Read Moreमम्मी बच्चों की प्यारी मम्मी होती है,रोज बच्चों से ही मम्मी दुलराती है। बच्चे मम्मी के कंधे पर चढ़ जाते
Read Moreगर्मी का मौसम आया,आइसक्रीम वाला आया। बच्चों ने आइसक्रीम खाया,मोनू आइसक्रीम नहीं पाया। जोर से मोनू आंसू बहाया,सारे बच्चों ने
Read Moreरात के दस बजे थे। एक आलीशान रेस्टोरेंट में डोसा खाने का आर्डर दिया। जब साथ होती थी दिव्या। एक
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