अंधकार की लज्जा
तमी की तमस में अंतर्निहित चीत्कार कईमानवता पर सवाल उठाते पुकार कईहैवानियत को अंजाम देते दुराचार कईरूह कंपा देनेवाली बलात्कार
Read Moreतमी की तमस में अंतर्निहित चीत्कार कईमानवता पर सवाल उठाते पुकार कईहैवानियत को अंजाम देते दुराचार कईरूह कंपा देनेवाली बलात्कार
Read Moreकोई खुश है चार दीवारों मेंकोई सुख ढूंढता आशियानों में,कोई वक्त चुराता कामों मेंकोई समय गुमाता बहानो में,कोई सोना उगाता
Read Moreपिता के साए में थी जो एक आसजब भी वो कहते मै हूं ना तेरे साथ।आंसू जब भी निकले आती
Read Moreऊंची उड़ानो के इतिहास बाकीअधूरे वो सारे ख्वाब बाकी,पिता की खुशियों के एहसास बाकीउनके मोती के मूल्यों के हिसाब बाकी,मेरे
Read Moreअपने हर गम को छुपाने वाला इंसान देखा,हर मौसम में हार ना मानने वाला परवान देखा,मुसीबतों में कभी ना झुकने
Read Moreमुझे पता है कि तू शायद ही आएगी,लेकिन फिर भी तेरे आने की राह देख रही हूं मैं।इतने सालों से
Read Moreबेजुबान वृक्षों की चीत्कार सुनो,कुल्हाड़ियों द्वारा उनपर होते प्रहार सुनो,बे- घर होते पक्षियों की गुहार सुनो,उन नन्हें से वृक्षारोही गिलहरियों
Read Moreदो वर्णों के मेल से बना एक छोटा सा शब्द “मन” किन्तु थोड़ा ध्यान देने पर ज्ञात होता हैं कि
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