व्यंग्य कविता – परंतु उनकी तारीफ़ करके प्रोत्साहन क्यों दें
उस सरकार की शिक्षा स्वास्थ्य नीति ज़बरदस्त है हमारी पार्टी तहे दिल से समझती है अंदरखाने हम उनकी तारीफ़ करते
Read Moreउस सरकार की शिक्षा स्वास्थ्य नीति ज़बरदस्त है हमारी पार्टी तहे दिल से समझती है अंदरखाने हम उनकी तारीफ़ करते
Read Moreकोई भी शासकीय काम हो बेहिचक कह देना एक्सपर्ट हूं मुझे नहीं ऊपर के लिए देना मैं निःस्वार्थी हूं समर्पित
Read Moreसृष्टि में अनमोल बौद्धिक ज्ञान का धनी मानवीय प्राणी को जन्म से ही परिवार, समाज, मानवीय संपर्कों से व्यवहारिक शिक्षा
Read Moreशासकीय काम घर बैठे करवाना हो तो कागज पत्तर घर पर बुलाना हो तो छुट्टी के दिन भी सील ठप्पे
Read Moreहजारों वर्ष पुरानी भारतीय संस्कृति के बारे में कहा जाता है कि सृष्टि में मानवीय योनि की पहचान यहीं से
Read Moreअब भ्रष्टाचार से तौबा किया हूं बाबू पद से बहुत भ्रष्टाचार लिया हूं जनता को बहुत चकरे खिलाया हूं भयंकर
Read Moreवर्ष 1971 में आई हिंदी फीचर फिल्म, कभी धूप कभी छांव का कवि प्रदीप द्वारा लिखा और गाया गीत, सुख
Read Moreसृष्टि रचनाकर्ता ने खूबसूरत मानवीय योनि को इस धरा पर रचनाकर अभूतपूर्व बौद्धिक क्षमता से नवाजा, ताकि 84 लाख़ योनियों
Read Moreभारत हजारों वर्ष पूर्व से अपनी अनमोल विशेषताओं का धनी रहा है। भारत में अनमोल विशाल प्राकृतिक संपदा, अनमोल संस्कृति,
Read Moreवैश्विक स्तरपर पूरी दुनिया में भारत मान्यताओं कहावतों, पुराणों पंक्तियों, धार्मिक गाथाओं बलि, रीति रिवाजों अंकगणित के अंकों सहित अनेक
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