सावन मनभावन आयो रे
सावन मनभावन आयो रे,हरियाली को संग लायो रे,खुशहाली के ढोल बजाता,बरखा दुल्हनिया लायो रे,सावन मनभावन आयो रे। सूखी तपती प्यासी
Read Moreसावन मनभावन आयो रे,हरियाली को संग लायो रे,खुशहाली के ढोल बजाता,बरखा दुल्हनिया लायो रे,सावन मनभावन आयो रे। सूखी तपती प्यासी
Read Moreआया सखी सावन मनभावन,नन्ही बूंदें भी बन जातीं बड़ी जलधार,झूले की ऊंची पींग सिखाती है,छोटी खुशियां भी बन जातीं बड़ा
Read Moreकुछ मुक्तक- 451.#स्वतंत्र #स्वतंत्र होना सौभाग्य है, रखना इसे सहेज,खून पसीने से मिले, पड़े लुटाना तेज,स्वतंत्रता की राह में, आते
Read Moreचंदा मामा, चंदा मामा, रात के राजा चंदा मामा,धरती मां के भाई चंदा, इसीलिए हैं हमारे मामा।रोज रात को आते
Read Moreघर-आंगन की शोभा होते,प्रेम-प्यार और स्नेह अपार,ऐसे घर-आंगन में खेलें, सुख,आनंद और खुशियां हजार। स्नेह-कपाट, सौहार्द झरोखे,होते घर-आंगन की शान,छोटों
Read Moreकभी न कहें जो ‘ना’ वो नानी है,नाना-नानी की गोदी प्यारी,मिलतीं वहाँ मनचाही चीजें,नखरे उठाती नानी हमारी। नानी का घर
Read Moreअलसित मन की वेदना, पीड़ा तब बन जाए,अंतर्द्वंद्व का तिक्त जल, सिर से ऊपर आए।आत्ममंथन से हो सके, खुद अपनी
Read More“विनीता जी, आपके पिताजी दुर्घटनाग्रस्त होकर हमारे अस्पताल में भर्ती हैं, आप जल्दी आइए.” सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने फोन
Read Moreकोयल की है मीठी बोली,वाणी में जैसे मिश्री घोली। मीठी बोली लगती प्यारी,मन में मिठास की फुलवारी। जादू जगाते मीठे
Read Moreकवि कुछ ऐसा गान लिखोकिअंतर्मन की चेतना जागृत हो,गूंज से दिगंत गुंजित हों,अन्तस् परिवर्तित हो,जीवन मोहक हो, रसवंत हो,अंतर्द्वंद्व-अंतर्कशाय विलुप्त
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