बाल कथा – दादी माँ का पोटली-पुराण!
“दादी भूख लगी है.” पिकनिक के लिए अभी कार थोड़ा आगे चली ही थी कि छोटा पोता बोला.“क्या चाहिए बेटा?”
Read More“दादी भूख लगी है.” पिकनिक के लिए अभी कार थोड़ा आगे चली ही थी कि छोटा पोता बोला.“क्या चाहिए बेटा?”
Read Moreअब तक साथ चले हैं मिल-जुल,आगे भी साथ निभाना साथिया। वादा किया था सात जन्मों तक,साथ रहेंगे वादा निभाना साथिया।
Read Moreसूरज की पाठशाला खुली है,प्रकृति स्वयं शिक्षिका बनी है,जीवन का दर्शन है यह शाला,हर किरण में इक सीख सजी है।
Read Moreमानव-तन मोक्ष का साधन है,सदुपयोग इसका हम करें,कोशिश हो तन-मन स्वस्थ रहे,हम मानवता के कष्ट हरें। है भाषा प्रेक्षण का
Read Moreजीवन की कश्ती को पार लगाना है तो, साहस कीजिए, हवा का रुख तो बदल नहीं सकते, पॉल की दिशा
Read Moreजन्म के साथ मरण नियत है,आगमन के साथ है प्रस्थान,प्रस्थान होगा जब दुर्भाग्य का,भाग्य करेगा सौभाग्य का सम्मान! सौभाग्य महज
Read Moreजीवन उतार-चढ़ाव का दूसरा नाम है. अक्सर हमें लगता है कि जीवन में उतार केवल मुसीबत के लिए आता है,
Read Moreमहीनों की उदासी के बाद आज छोटे-से बच्चे आलोक का चेहरा प्रसन्नता के प्रकाश से आलोकित हो रहा था. वह
Read Moreकुदरत का वरदान है मुस्कान,अधरों की तो शान है मुस्कान,रोने से कुछ हासिल नहीं होता,मायूसी में तो जान है मुस्कान।
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