लघुकथा महावीर उत्तरांचली 09/06/2015 लघुकथा : आत्ममंथन “सम्पूर्ण विश्व में मेरा ही वर्चस्व है,” भूख ने भयानक स्वर में गर्जना की। “मै कुछ समझी नहीं,” प्यास बोली। Read More