धूप छांह के रंग
रूप सुहानी चांदनी ,दिलकश थी आवाज ,पर चिडिया को ले उडा ,चतुर सयाना बाज। सुबह रसोई जागती ,करते बरतन शोर
Read Moreरूप सुहानी चांदनी ,दिलकश थी आवाज ,पर चिडिया को ले उडा ,चतुर सयाना बाज। सुबह रसोई जागती ,करते बरतन शोर
Read Moreसत्य की जयकार होगी ,झूठ की फिर हार होगी। हर चुनावों में सफल हो ,सत्य की सरकार होगी। झूठ के
Read Moreनया साल लो आ रहा, लेकर सुख दुख गीत,दूजों का दुख बाँट के ,दो उनको सुख मीत। कुछ को लगता
Read Moreकल कल प्यारी नदिया बहती,चलते चलते वो कुछ कहती,झूम झूम के चलना है जीवन,पथ की बाधाएँ कभी न सहती। मेले
Read Moreसच का ये संसार नहीं है,खुशियों का व्यापार नहीं है। लोग यहाँ जो कसमें खाते,खाने को आहार नहीं है। सभी
Read Moreये जीवन है एक लड़ाई,इसमें होती हाथापाई। जीतोगे तो ताज मिलेगा ,हारोगे तो मिलेगी खाई। वैसे तो मिलते कम मौके,
Read Moreगरम समोसे मुसकाते हैं ,मुँह में पानी वो लाते हैं। तीन नुकीले कोनों वाले ,सबके मन को ललचाते हैं। स्वाद
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