तुम दीवानो
सही गलत अब तो पहचानो,किसको कब अपना तुम मानो। जीवन के इस आसमान में ,अपनी ख़ुशी पतंग तुम तानो। हार
Read Moreसही गलत अब तो पहचानो,किसको कब अपना तुम मानो। जीवन के इस आसमान में ,अपनी ख़ुशी पतंग तुम तानो। हार
Read Moreये दुनिया खुशियों का मेला ,इसमें भरना नहीं झमेला ,उससे मिलना ख़ुशी ख़ुशी से ,जो मानव होवे अलबेला। —जोर लगा
Read Moreसच नैया खेते रहे ,झूठ नदी पर यार,सच चप्पू करता रहा ,झूठ लहर से प्यार ,झूठ लहर से प्यार ,पवन
Read Moreदुनिया सारी झूठ है ,झूठ सारा जहान,झूठ को सत्य मान ले,इसमें तेरी शान। —सच का इक दीपक जला,झूठ हुआ बेहाल,पर
Read Moreजंगल मे चलने लगी,अब चुनाव की चाल ,झट से ओढ़ी शेर ने ,सज्जनता की खाल, सज्जनता की खाल, हुई बकरी
Read Moreजख्म दिया है दवा भी दे दो ,उनके हक की हवा भी दे दो। आटा चावल संग सेवक जी ,एक
Read Moreअपनों से मुख मत मोड़ो ,जीवन का हर दुख छोड़ो। पेड़ जो दे शीतल छांह ,मत काटो उसे निगोड़ों। गरमी
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