गजल
हार बैठे जिंदगी को प्यार मे |जी रहे हैं अब तलक एतबार में | नफरतो को भूल कर आओ जियेक्या
Read Moreरविवार 30 जुलाई, को भव्या फाउंडेशन के तत्वाधान में कैंसर पीड़ितों और शारीरिक रूप से अक्षम और आटिज्म वर्रिएर्स बच्चों
Read Moreहे डमरु धर हे शशि शेखर,हे गंगाधर हे अभयंकर |पीकर के गरल सरस करते,जग-जीवन को जड़ चेतन को | तर
Read Moreयादों का आंगन 💐💐💐💐 मेरे बचपन का घर आंगन रह रह के मुझे याद आता है | जी चाहता है
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