गजल
लौट आओ कि शाम ढल न जाये वक्त है मुकम्मल बदल न जाये काटी है राते हमने करवट बदल कर
Read Moreबेजुबां है ये इनकी आंख से सिर्फ आंसू बहते है ! इनके दर्द की कहानी इनके बहते आंसू कहते है
Read Moreछुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो बात दिल की मेरे जान जाया करो दूर बैठकर तकते हो इस कदर
Read Moreचेहरे पे तेरे जो नूर आया है तुझ पर किसी हसीं का साया है मैकदा देख तेरी आंखों ने भी
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