गीतिका/गजल
इश्क तो अब आजमाया जा रहा है। खेल दिलो का दिखाया जा रहा है।। टूटकर बिखरता है बेचारा बार बार।
Read Moreइश्क तो अब आजमाया जा रहा है। खेल दिलो का दिखाया जा रहा है।। टूटकर बिखरता है बेचारा बार बार।
Read Moreयाद जो उनकी आये मुस्कुरा लिया करो! याद मे उनकी गजल कोई गा लिया करो!! है जो शोखियां बुलन्द महबूब
Read Moreअब न आयेगी लौटकर वो रात कभी! बांहो मे बांहे लेकर बैठे थे साथ कभी!! आंखो में आंखे डालकर मुस्कुराना
Read Moreअब न आयेगी लौटकर वो रात कभी! बांहो मे बांहे लेकर बैठे थे साथ कभी!! आंखो में आंखे डालकर मुस्कुराना
Read Moreन लिख इश्क बदनाम हो जायेगा ! हर गली मे तेरा नाम हो जायेगा !! करके परदा निकल शामो- सहर!
Read Moreशहर में रेत के सागर तलाश करती हूं ! हां मैं प्यासी हूं पानी तलाश करती हूं!! खो गया जाने
Read Moreआप तो इश्क का मजा लीजिये जनाब! जां जाती है गर तो जाने दीजिये जनाब!! खौफ कैसा आपको और किस
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