गजल
चैन से जी रही थी क्यूं सताने आ गये। दिल में घर अपना क्यूं बनाने आ गये।। मिलता नही करार
Read Moreइश्क तो अब आजमाया जा रहा है। खेल दिलो का दिखाया जा रहा है।। टूटकर बिखरता है बेचारा बार बार।
Read Moreयाद जो उनकी आये मुस्कुरा लिया करो! याद मे उनकी गजल कोई गा लिया करो!! है जो शोखियां बुलन्द महबूब
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