गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 24/05/202024/05/2020 ग़ज़ल जो हम आइने में सवरने लगे। हमें देखकर वो मचलने लगे।। नशा इस कदर उनपे छाया के फिर। वो तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 22/04/2020 ग़ज़ल दीद करने न आओ कोई गम नही। दूर से ही मगर गुनगुनाते रहो।। याद आ जाये तुमको कभी तो सनम। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 12/03/2020 इश्क की आग उसे इश्क की आग में अब जलने दो। कैदियों की तरह उसे भी मचलने दो।। हो गये रूसवा जमाने में Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 24/02/2020 ग़ज़ल कभी दर्द लिखा कभी प्यार लिखा। खता भूलकर खत कई बार लिखा। न आया सनम तू न खत आये तेरे। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 04/01/2020 गीतिका आस उनसे हम लगा बैठे लोगो। आग दिल में यूं जला बैठे लोगो।। इस कदर उनसे मुहब्बत हो गयी। हम Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 25/11/201925/11/2019 गजल वो गजल आनलाइन लिखा करते हैं। जाने किस नाजनीं से वफा करते हैं।। कह दो कोई तो जाकर सनम से Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 20/10/2019 ग़ज़ल उसने दिया हमको ये इल्जाम है। इश्क को हमने किया बदनाम है।। रूठ कर हम जाये किधर किस शहर। हर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 25/09/201925/09/2019 गीतिका वो माँ मौत मांग रही थी आज अपने लिये। चराग की रौशनी में जिसने कपड़े सिये।। अब उसकी आँखों में Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 10/08/2019 ग़ज़ल कसक दिल में उठती रहेगी तुम्हारे लिये। आंख भी रोज भरती रहेगी तुम्हारे लिये।। बेरूखी तुम्हारी दर्द मेरा बढ़ाती ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 24/07/2019 गजल मिला क्या मुहब्बत जताकर हमें। गया मुस्कुराते रूलाकर हमें।। ये दिल मानता कब हमारी सनम। हुआ खुश ये अक्सर जलाकर Read More