ग़ज़ल – छुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो
छुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो बात दिल की मेरे जान जाया करो दूर बैठकर तकते हो इस कदर
Read Moreछुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो बात दिल की मेरे जान जाया करो दूर बैठकर तकते हो इस कदर
Read Moreचेहरे पे तेरे जो नूर आया है तुझ पर किसी हसीं का साया है मैकदा देख तेरी आंखों ने भी
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