नहीं किसी को छलेंगे
जिनको जो कहना है कहने दीजिये,उन्हें अपनी घमंड में रहने दीजिए,अपनी राहों में कैसे चलना है हम जानते हैं,बेफिक्री वाली
Read Moreजिनको जो कहना है कहने दीजिये,उन्हें अपनी घमंड में रहने दीजिए,अपनी राहों में कैसे चलना है हम जानते हैं,बेफिक्री वाली
Read Moreआंसू और भूख कोजो नहीं समझता है,अपना हिस्सा खा कर भीऔरों का भी झपटता है,ढो रहे हैं इनको देश दे
Read Moreआज निर्मल भाव रहता कहां है,कोई किसी को सहता कहां है,कथे और कहानियों मेंअब तो ये समाए है,बड़ी ही मशक्कत
Read Moreजिसने कभी किया ही नहींजीवन की तमाम परिस्थितियों पर शोध,उनसे कैसे उम्मीद कर सकते हैं किउनके अंदर होगा कर्तव्य बोध,इसके
Read Moreये कलम वालेदो धारी तलवार लिए फिरते हैं,शरीर तो शरीरअंतस पर वार किये फिरते हैं,इनका नजरियानजरानों के अनुसार होता है,पराए
Read Moreहर उस चीज को लात मार दोजो रोक रहा तुम्हें आगे बढ़ने से,पढ़ने से,झूठ से लड़ने सेऊंची सोपान चढ़ने से,क्योंकि
Read Moreउनके पास बड़ा ही अद्भुत ज्ञान है,दुनिया के सारे समस्याओं का समाधान है,वो चाहे तो आसमां कोजब चाहे जमीं पर
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